"शारदीय नवरात्रि 2026 विशेष" - सप्तमी, अष्टमी, नवमी की तिथियां -
महासप्तमी 2026 -
• 17 अक्टूबर शनिवार : सप्तमी तिथि पूर्ण दिन रहेगी, माँ कालरात्रि की पूजा इसी दिन होगी
• 18 अक्टूबर 2026, रविवार : सुबह 8:27 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, इसके बाद अष्टमी शुरू हो जाएगी।
" ज्योतिषाचार्य पं. प्रवेश रंजन शर्मा जी ने बताया की इस बार सप्तमी दो दिन 17 अक्टूबर शनिवार व 18 अक्टूबर रविवार दोनो दिन मान्य होगी, दोनो दिन माँ कालरात्रि की पूजा होगी।"
इसी कारण सप्तमी का क्षय नहीं बल्कि वृद्धि हुई है और दोनों दिन सूर्योदय में सप्तमी का स्पर्श होने से 17 और 18 अक्टूबर दोनों को सप्तमी मान्य है।
- 17 अक्टूबर - अतिगण्ड योग : प्रात:काल से लेकर रात 11:03 PM तक
रवि योग : 06:23 AM से 09:47 AM तक
- 18 अक्टूबर - सुकर्मा योग : प्रात:काल से 11:56 PM तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: 12:49 PM से 19 अक्टूबर को 06:24 AM तक
कब है शारदीय नवरात्रि महाअष्टमी तिथि 2026 -
पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से आरंभ हो रही है और इसका समापन 19 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार
"महाअष्टमी 19 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। वहीं इसी दिन आप कन्या पूजन कर सकते हैं।"
अष्टमी कन्या पूजन का शुभ समय -
अष्टमी के दिन 19 अक्टूबर को कन्या पूजन आप 08:29 AM से 10:16 AM तक सकते हैं।
- 19 अक्टूबर - धृति योग : प्रात:काल से लेकर देर रात 12:35 AM तक
सर्वार्थ सिद्धि योग : 03:38 PM से 20 अक्टूबर को 06:25 AM
रवि योग : 03:38 PM से 20 अक्टूबर को 06:25 AM
- कब है शारदीय नवरात्रि शारदीय महानवमी तिथि 2026 -
ज्योतिषाचार्य पं. प्रवेश रंजन शर्मा जी ने बताया की पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट से शुरू हो रही है और इसका अंत 20 अक्टूबर को 12 बजकर 50 मिनट पर रहा है। ऐसे में -
"शारदीय नवरात्रि की नवमी 19 अक्टूबर को ही मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा। वहीं जो लोग उदयातिथि से नवमी मनाना चाहते हैं वो लोग 20 अक्टूबर को 12 बजकर 50 मिनट से पहले कन्या पूजन और हवन बगेरा कर सकते हैं।"
नवमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
वहीं अगर आप 19 अक्टूबर को कन्या पूजन करना चाहते हैं तो आप अभिजीत मुहूर्त में कन्या पूजन कर सकते हैं। इसका समय 11:43 AM से 12:29 PM तक रहेगा।
- दशहरा तिथि 2026 -
पंचांग के मुताबिक, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा।
दशमी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण ही दशहरे की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है।
"दशहरा (रावण दहन) 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा।"
- शूल योग : प्रात:काल से देर रात 12:50 ए एम तक
- रवि योग : पूरे दिन
- 20 अक्टूबर विजय मुहूर्त -
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की 20 अक्टूबर 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस तरह पूजा और शुभ कार्यों के लिए करीब 46 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान लोग शस्त्र पूजा, शमी पूजा आदि कार्य कर सकते हैं।
रावण दहन का शुभ मुहूर्त -
रावण दहन का समय 20 अक्टूबर 2026 को सूर्यास्त के बाद किया जाएगा। इस दिन सूर्य देव शाम को 5 बजकर 47 मिनट पर अस्त हो रहे हैं।
- 21 अक्टूबर 2026 विजय मुहूर्त -
इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। यानी 45 मिनिट।
ये मुहूर्त देवी अपराजिता, शमी व शस्त्र पूजा के लिए श्रेष्ठ रहेगा।