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"पितृ पक्ष में कब करें मासिक शिवरात्रि व्रत, 8 या 9 अक्टूबर ?"
पितृ पक्ष के दौरान आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से मन को शांति मिलने की मान्यता है। मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष की शिवरात्रि पर व्रत-पूजन करने से पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
अक्टूबर 2026 में कब है मासिक शिवरात्रि ?
पंचांग के अनुसार, अक्टूबर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 अक्टूबर को रात 10:15 बजे से होगा. वहीं, चतुर्दशी तिथि 9 अक्टूबर को रात 9:35 बजे समाप्त होगी.
मासिक शिवरात्रि के लिए रात में चतुर्दशी तिथि का होना महत्वपूर्ण माना जाता है और निशिता मुहूर्त के आधार पर - -
"इस बार मासिक शिवरात्रि व्रत 08 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा".
इस दिन भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं. कई श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात में जागरण करते हुए भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप करते है।
मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त -
शिव पूजा के लिए निशिता मुहूर्त रात 11:44 PM से लेकर देर रात 12:33 AM तक रहेगा. इस मुहूर्त में मंत्र साधना करते हैं. वैसे आप दिन में ब्रह्म मुहूर्त से शिव जी का जलाभिषेक करके कभी भी पूजा कर सकते हैं. शिव पूजा में राहुकाल, भद्रा आदि का दोष नहीं लिया जाता है.
मासिक शिवरात्रि पर रात में क्यों होती है शिव पूजा ?
शिवरात्रि में रात्रि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रात के समय भगवान शिव की आराधना करने से भक्त को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है. मासिक शिवरात्रि पर कई भक्त रात में चार प्रहर में शिव पूजा करते हैं.
मासिक शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कैसे करें -
घर पर रुद्राभिषेक करने के लिए पंच धातु या अष्ट धातु या पीतल से बने शिवलिंग को पीतल या तांबे की प्लेट पर रखें.
जल चढ़ाकर अभिषेक शुरू करें. वस्तुओं को चढ़ाने के लिए पंचपात्र के चम्मच का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल न करें.
अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय या भगवान शिव के 108 नामों का जाप करें.
फिर शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं. इसके बाद थोड़ा पानी चढ़ाएं. ये शिलिंग को शुद्ध करने के लिए किया जाता है. इसी तरह दही, घी, शहद चढ़ाने के बाद जल चढ़ाएं.
इसके बाद आप चंदन अर्पित करें. अभिषेक की थाली हटाकर शिवलिंग फिर वेदी पर रख दें.
कलावा, चंदन, अक्षत, जनेऊ, बेल पत्र, धतूरे के फूल और फल, अगरबत्ती, फल और नारियल का एक टुकड़ा चढ़ाएं. आरती कर पूजा का समापन करें.
मनोकामनापूर्ति के लिए किन चीजों से करें अभिषेक -
जल से अभिषेक : वर्षा की प्राप्ति के लिए
कुशोदक से अभिषेक : असाध्य रोगों की शांति के लिए
दही से अभिषेक : भवन-वाहन की प्राप्ति के लिए
गन्ने के रस से अभिषेक : लक्ष्मी प्राप्ति के लिए
शहद और घी से अभिषेक : धनवृद्धि के लिए
तीर्थ के जल से अभिषेक : मोक्ष की प्राप्ति के लिए
मासिक शिवरात्रि पूजा के लाभ -
माना जाता है कि इस दिन पूजा और व्रत करने से जन्म-जन्मांतर के पाप क्षीण होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की दिशा में प्रगति मिलती है.
इस दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप मन को शांत करता है और तनाव, चिंता व नकारात्मक विचारों को कम करता है.
पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता आती है। अविवाहित लोगों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
आध्यात्मिक साधना से जुड़ी है मान्यता -
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि पर व्रत और शिव पूजा करने से मन को शांति मिलती है और भक्त को आध्यात्मिक अनुशासन की प्रेरणा मिलती है। विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-शांति और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित युवक-युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से शिव-पार्वती की आराधना करते हैं।
ज्योतिषाचार्य पं. प्रवेश रंजन शर्मा जी
(जन्म कुंडली, अंक ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ)
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