AstroWorld With Pravesh
कब है पूर्णिमा श्राद्ध ? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि -
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा को श्राद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन ऋषि तर्पण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए किया गया श्राद्ध, तर्पण तभी स्वीकार होता है जब पूर्णिमा श्राद्ध को ऋषि तर्पण किया गया हो। इसी कारण पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है।
शास्त्रों में अगस्त्य ऋषि को पितृ पक्ष का अधिकारी बताया गया है। इसी के कारण उन्हीं को साक्षी मानकर श्राद्ध किया जाता है। पूर्णिमा श्राद्ध को अगस्त्य ऋषि के अलावा वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज आदि का तर्पण भी किया जाता है। आइए जानते हैं पूर्णिमा श्राद्ध के कुतुप, रौहिण मुहूर्त और तर्पण करने की विधि…
"पूर्णिमा श्राद्ध तिथि- 26 सितंबर शनिवार"
श्राद्ध पूर्णिमा 2026 कुतुप और रौहिण मुहूर्त -
- कुतुप मुहूर्त – 11:48 AM से 12:36 PM
अवधि – 00 घण्टे 48 मिनट्स
- रौहिण मुहूर्त – 12:36 PM से 01:24 PM
अवधि – 00 घण्टे 48 मिनट्स
- अपराह्न काल – 01:24 PM से 03:49 PM
अवधि – 02 घण्टे 24 मिनट्स
पूर्णिमा श्राद्ध में किन पितरों का किया जाएगा श्राद्ध -
शास्त्रों के अनुसार, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि के दिन हुई है, तो उनका पिंडदान, तर्पण पूर्णिमा श्राद्ध को किया जाएगा। इसके अलावा कई जगहों पर सन्यासियों का भी तर्पण किया जाता है।
पूर्णिमा श्राद्ध 2026 पर ऐसे करें तर्पण -
- इस दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद शुभ मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। इसके बाद दाहिने कंधे में जनेऊ रखें अनामिका अंगुली में कुश की अंगूठी यानी पवित्री धारण कर लें।
- अब तांबे या फिर कांसे के बर्तन में शुद्ध जल, कच्चा दूध, काले तिल, सफेद फूल और अक्षत मिला लें।
- अब दोनों हाथों में कुश रखें और जल लेकर ' ॐ पितृभ्य नम:’ के साथ अपना गोत्र बोले। इसके बाद बाएं हाथ के अंगूठे व तर्जनी के बीच के भाग से जल गिराएं।
- विधि-विधान से तर्पण करने के बाद बिना-लहसुन प्याज से भोजन बनाएंगे और कुत्ता, चींटी, कौआ, गाय और देवता के लिए खाना निकाल दें। इसे पंचबलि कहा जाता हैं।
- इन्हें भोजन निकालने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराने के साथ अपनी योग्यता के अनुसार दान दें और फिर आप सहित घर के अन्य सदस्य भोजन ग्रहण करें।
ज्योतिषाचार्य पं. प्रवेश रंजन शर्मा जी
(जन्म कुंडली, अंक ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ)
Whatsapp - 8272809774